रघुराम राजन, फेसबुकिया अर्थशास्त्री, और भारतीय अर्थव्यवस्था

जिन लोगों को रिज़र्व बैंक के गवर्नर का नाम सिर्फ नोट पर छपे सिग्नेचर से पता चलता है वो भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबे लंबे फेसबुकिया व्याख्यान लिख रहे हैं।

आज तक मैंने कभी भी गवर्नर के नाम पर इतनी उत्सुकता नहीं देखी थी। लोग आजकल सरकारी स्कूल के चपरासी से लेकर रिज़र्व बैंक के गवर्नर तक के चुनाव में अपनी राय देते फिर रहे हैं।

जिन्हें इन्फ्लेशन का ई होता है कि आइ, ये नहीं पता, वो बता रहे हैं कि विदेशी निवेश उड़ जाएगा राजन के जाते ही। जैसे कि सारा विदेशी निवेश राजन ने फोन करके मँगवाया था या फिर भारतभूमि को लायक गवर्नरों के कैंडिडेट से किसी परशुराम ने ख़ाली कर दिया हो।

मुझे तो बहुत ज्यादा समझ नहीं है कि रिज़र्व बैंक का गवर्नर क्या करता है। मोनेटरी पॉलिसी के बारे में पढ़ लेता हूँ। वो भी बहुत ज्यादा समझ में नहीं आती। इसीलिए कभी भी इस पर लिखने की ज़हमत नहीं उठाई।

लेकिन आज झाँटूसिंह इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से पढ़े एमबीए से लेकर लौड़ा-लहसुन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के बीटेक वाले भी रिज़र्व बैंक की पॉलिसी और भारतीय अर्थशास्त्र पर चिंतन करते दिख रहे हैं।

जिनकी पूरी जिंदगी के दो बड़े अचीवमेंट हों, फ़ेसबुक/व्हाट्सएप्प के एडमिन और CEO at झाँटू-उत्सव (कॉलेज का फ़ेस्ट), वो आज राजन के जाने से होने वाले खरबों के निवेश के ग़ायब होने, ग्रोथरेट के गिरने और बैंकिंग के चरमराने की बातों पर गंभीर परिचर्चा करते दिख रहे हैं।

अच्छी बात है कि फेसबुकिया व्याख्याता और चिंतक, छद्म बुद्धिजीवियों की जमात में अपनी जगह बनाते हुए घोटालों, भ्रष्टाचार, आदि की बात के इतर सरकार के चपरासी से गवर्नर तक के चयन में नाक भिड़ा रहे हैं।

मुझे जब चिदंबरम्, बरखा, राजदीप जैसे लोग राजन के जाने से तिलमिलाते दिखते हैं तो लगता है कि शायद उनका जाना ठीक ही होगा। क्योंकि ऐसे लोगों का अजेंडा पूरे देश के सामने है।

राजन ने, मेरी जितनी समझ है, बहुत अच्छा काम किया है और आगे भी जहाँ जाएँगे करेंगे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कोई भीष्म, कर्ण या अर्जुन फिर से पैदा नहीं होगा। लोग आते रहेंगे, लोग जाते रहेंगे। आपको आपकी झँटुआहट मुबारक हो।

Advertisements

Did you like the post, how about giving your views...

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s