क्या कन्हैया की आइफोनी ग़रीबी जेएनयू कमिटी का जुर्माना चुका पाएगी?

लेकिन पचड़ा ये फँस गया है कि दो दिन पहले ही ग़रीब कन्हैया कैपिटलिस्ट ताक़तों के विरोध में बोलने हेतु जेट एयरवेज़ की फ़्लाइट से, दुनिया की सबसे ज़्यादा प्रॉफिट कमाने वाली फ़ोन कम्पनी एप्पल के आइफोन से, दुनिया के बहुत बड़े सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने ऊपर हुए अत्याचार की फ़र्ज़ी कहानी कहते हुए धरा गए।

Advertisements

आज के डिबेट और डिस्कोर्स का स्तर

कॉरपोरेट की नौ घंटे की ग़ुलामी बजाने के बाद, लगभग एक घंटे मेट्रो में बिना सहारे के खड़े होकर सफ़र (अंग्रेजी वाला पन मार लीजिए यहाँ) करते हुए कनॉट प्लेस पहुँचे एक मित्र से मिलने। बड़े बड़े कूड़ेदानों की बदबू लाँघते हुए, ऑडी-बीएमडब्ल्यू की बेतरतीब क़तार को निहारते हुए, सड़क के किनारे खोंपचे में बने… Continue reading आज के डिबेट और डिस्कोर्स का स्तर

फ़ॉग ही चलता रहा तो लफंदरई ही होगी, आलोचना नहीं

देश में फेसबुक चल रहा है। फेसबुक को आज का युवा और कल के कुछ बुज़ुर्ग चला रहे हैं। बुज़ुर्गों को युवा चला रहा उनकी बातें शेयर और लाइक करके। और युवा को चला रहा है फ़ॉग। फ़ॉग कई तरह का होता है, एक होता है वो जो इतना चलता है कि दिखना बंद हो… Continue reading फ़ॉग ही चलता रहा तो लफंदरई ही होगी, आलोचना नहीं

भाषणों, प्रतिक्रियाओं और सुपरलेटिव विशेषणों के दौर में आलोचना का शीघ्रपतन

आजकल त्वरित प्रतिक्रियाओं का दौर चल रहा है जहाँ हर विशेषण सुपरलेटिव से कम नहीं होना चाहिए। आप या तो एकदम फ़ैन हो जाते हैं, या नकार देते हैं। दोनो ही स्थिति में आदमी अक्सर वजहें लिखना भूल जाता है।

‘ज्वलंत’ मुद्दों के बीच मैं पार्टी बदल कर तटस्थ हो गया हूँ

वैसे तो समय तटस्थ रहने वालों का भी अपराध लिखेगा, दिनकर ने कहा है, पर कई मौक़ों पर जब समझ में ना आए तो खेमा पकड़ने से बेहतर है तटस्थ रह जाना।  जेएनयू और एन्टी-नेशनल काँड पर मैं अपने इग्नरेन्स के साथ तटस्थता की तरफ बढ़ रहा हूँ। आज पता चला वीडियो डॉक्टर्ड हैं! साला… Continue reading ‘ज्वलंत’ मुद्दों के बीच मैं पार्टी बदल कर तटस्थ हो गया हूँ

आप करें तो प्यार-व्यार, हम करें तो बलात्कार! 

विरोध, मतभेद और केरल की आजादी, भारत की बर्बादी में अंतर है, था और रहना चाहिए।  बाकी आपको जो ज्ञान बाँटना है बाँटिए। हम किसी को सर्टिफिकेट नहीं दे रहे, ना ही कोई हमें दे तो बेहतर है। मैं इस डिसेन्ट वर्सस सेडीशन के डिबेट में नहीं घुस रहा क्योंकि मुझे दोनों शब्दों के मायने… Continue reading आप करें तो प्यार-व्यार, हम करें तो बलात्कार! 

Do you see the irony, morons?

One day, one of my school friends from Indian Army visited us on his way home. It was after his first posting as an officer in Siachen. We were excited to hear his stories about the life at that altitude and that temperature. Spoiler alert, there is nothing romantic about the blinding white land with… Continue reading Do you see the irony, morons?