कुछ बातें (A Few Words)

कल रात भी लिखीं थी कुछ बातें बस तेरे लिए जो सोचा था बस तेरे लिए जब देखे थे चंद ख़्वाब जहाँ हम और तुम बैठे थे झील में उतरती हुई लकड़ी के पुलिए पर पाँव लटकाए बातें करते तमाम दुनिया की जो परे है इस दुनिया से इसकी समझ से उन शब्दों में जो… Continue reading कुछ बातें (A Few Words)

तुम ही तो हो मेरी कविता (It’s you who is my poetry)

सोते सोते उनींदी आँखों की भारी पलकों के थोड़े नीचे से पतले होंठों की धीमी हलचल से तूने जो कहा था कि कविता कह दे मेरे ऊपर और मैंने लिखी थी कविता कहा था कि कितनी सुंदर हैं तेरी बातें कि कितनी चमकीली हैं तुम्हारी आँखे कि लरजते होंठों पर मेरा नाम कितना अच्छा लगता… Continue reading तुम ही तो हो मेरी कविता (It’s you who is my poetry)

खोया हिस्सा

‘खोया हिस्सा’ कहाँ समझी तुमने वो पंक्तियाँ जो मैंने लिखी थीं तुम्हारे न होने पर तुम्हारी यादों ने पकड़ी थी मेरी ऊँगलियाँ और लिखवाए थे वो चंद शब्द। मैं ख़ाली मकानों में वीरान सड़कों पर नंगी भीड़ में हर जगह तुम्हारे पाँव की आवाज़ ढूँढता हूँ और ढूँढता हूँ अपने वजूद के उस हिस्से को… Continue reading खोया हिस्सा

The beautiful you

You are beautiful Beautiful to the limit of human comprehension In body and In soul You make me weak in my knees And feel things I never felt For anyone else So far away Still I want with you, a day A day to wander A walk to remember On the landscapes bleached in mild… Continue reading The beautiful you

Just love

Let’s feel the feeling of two gyrating bodies Inhaling each other’s breath Containing the beauty of our souls Soaked in the potion of love And Just love The love That is beyond meaning Beyond the realms of beliefs Beyond the brain Beyond our existence As all that it is Is Just love Let’s dance In… Continue reading Just love